सावन की पहली बरसात,
वाह..!!!!!!!!!!!!! लाये नयी उमंग अपने साथ/
गर्मी से थी बड़ी आफत,
अब मिलेगी थोड़ी राहत/
झूम उठा बाँवरा मन,
जैसे मोरनी हो उसकी दर्पण/
वो काले घने बादल,
लगे जैसे ममता की आँचल/
वो बादलों की खनक,
मिट्टी की महक,
बूंदों की वो छनक,
ख़ुशी दे रही है दस्तक/
कहते है इसे प्यार का मौसम,
याद आता है गानों का सरगम/
बरसात के बाद चांदनी,
बन जाए उस पल संगिनी/
दिलदार से करते दिल की बात,
और गरमा गरम पकोड़े हो साथ/
दिल झूम जाए ख़ुशी से,
ना है कोई और उम्मीद इस पल से/
आ गया है सावन,
कुछ और ना चाहे ये पागल मन/
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