Wednesday, April 24, 2013


कहना है अब अलविदा 

ना जाने कहाँ आ गए हम चलते चलते 
ज़िन्दगी की लहर के साथ बहते 

बढ़ने लगी थी साथ की गहराई 
दिल ने ली एक नयी अंगडाई 

कहीं से आ गयी एक भवर 
बदल गयी हमारे कश्ती की सफ़र 

अब रह गए है हमारे साथ के कुछ दिन और रातें 
चलो याद करते है बीतें दिनों की बातें 
कितनी सुहानी थी अपनी मुलाकातें 
बन कर रह जायेगी दिलों में यादें 

अलग अलग थी हमारी ज़ुबानी 
फिर भी बन गयी हमारी एक कहानी 

अब बदल जायेगी ज़िन्दगी की रफ़्तार 
बस रह जाएगी इन सभी पलों की खुमार 
क्यों ना बनाये इन कुछ पलों को याद्गार…………… 


Tuesday, April 16, 2013

एकता 

किस एकता की कर रहे हम बात 
जब दिल में नहीं है उस भावना का साथ 

क्यों किसी को दोष दे हम 
जब हर लड़की डर को साथ लिए बढ़ाती है कदम 

ज़ुल्म हज़ारो सहने तैयार 
लेकिन नहीं उठाएगी अपने आवाज़ की धार 

समाज में आज भी है ऐसी नारी 
जो समझती है लड़की की गलती ही होती है भारी 

फिर कहते हो " चलो करते है देश का कल्याण?"
हम कहते है "पहले अपनी सोच तो बदलो याजमान"