Tuesday, September 18, 2012

जिंदा हूँ में..............


देखा इंसान की बदलती फिदरत, 

जिस से पाया था प्यार  उसी  से  पायी  नफरत,
इन  एहसासों में  अगर  कही  हूँ  में, 
तो जिंदा  हूँ  में...........

मेरी दुःख के तिन्के,
आँखों से तेरी छल्के, 
उन आंसुओं में मेरी याद है छुपी,
तो जिंदा हूँ में..............

मौत अगर आजाए तो कोई घम नहीं,
अपनों के दिल में अगर छुपी हूँ कही,
तो जिंदा हूँ में..................

Saturday, September 15, 2012


एम् .बी .ए 


ऊँचाई पाने की सफ़र में आया एम् .बी .ए .
अब लगता है क्यों आया ये पड़ाव ज़िन्दगी में

बनाने चले थे दुनियां में अपनी अलग पहचान
बन कर रह गए है अलग इंसान

ना जाने कहाँ गयी वो दिलों की मासूमीअत
देखने लगे है एक दुसरे में ज़रुरत

रिश्तों में ना है कोई ऐसी एहसास
जो छेड़े दिलों में अपनेपन का साज़

दिल से जोड़े थे हमने रिश्ते
पर इन रिश्तों में देखा अपने ही दिल को पिसते

गलत लगने लगा है हर फैसला
मनो ज़िन्दगी ले रही है बदला

दिल और दिमाग की लड़ाई
कर दिया है दिल की बिदाई

अब न रहा मौका न रही वो दस्तूर
बर्दाश करना पड़ेगा अपने इस फैसले का कसूर
रह गए है इस फैसले के साथ जीने के लिए मजबूर..........................

Tuesday, September 11, 2012


दोस्ती के नाम यह पैगाम .......


ज़िन्दगी की कश्ती में ,

बहते चले थे मस्ती में /

हर मोड़ पर थी एक नयी चाहत, 

जिसने लायी थी दिल में घबराहट/ 

नयी जगह और थी नयी मंजिल ,

दिल की ख़ुशी जो करनी थी हासिल/ 

मेरे इस सफ़र में आप न जाने कब जुड़ गए, 

दोस्ती के फूल ना जाने कब खिल गए /

इस फूल से है एक ही कामना ,

न तुम कभी मुरझाना /

अकेले जो निकल पड़े है इस राह पर, 

मिल जाए साथ दिलों की हमे अगर ,
जी लेंगे ज़िन्दगी युही हसकर /