:) :(
साथ की थी हमने कितनी शरारतें,
अब दिल में है क्यों इतनी नफरतें /
राहों के काँटों को सहते ,
दिल्लगी हम निभाने चले थे,
दिल की बात को सुनते ,
हकीकत को अनदेखा करते,
हर दिन एक नयी मौत हम थे मरते/
दिल में कई सवाल ,
जो मचाये ज़िन्दगी में बवाल/
हर क्यों का जवाब नहीं होता ,
टूटे दिल को जोड़ना आसान नहीं होता /
अपने कब्र पर हमने चन्द आसूं बहा लिया,
दिल को पत्थर बना कर अब हमने है जीना सीख लिया....................
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