एम् बी ऐ का सफ़र
सफ़र का पहला दिन
शुरू हुआ क्यों एम् बी ऐ के जवाब के बिन
ढूंढना तो था इस सवाल का जवाब
पर वक़्त ने बना दिया हमे ज़िन्दगी का नवाब
बुन ने लगे थे अलग ही ख्वाब
वक़्त ने बिछादिया खुशियों का ढेर
न कर सका उसका तोल कोई भी सेर
समा लिया था यादों की दुनिया
लेकिन अलग था हकीकत का आशियाँ
इसी मस्ती में ना जाने कैसे गुज़र गए दिन
मन के तरंग में सतरंगी पलछिन
किताब के हर पन्ने पे है यादों की छवि
हर पल ने बना दिया हमे और भी अनुभवी
दोस्तों से हर झगडे की याद भी ला देगा चेहरे पे हसी
ऐसी गहरी है दिल में यादें बसी
अब बस रह गए है चंद पल
ना जाने क्या लाएगा आने वाला कल
छात्र से बन जायेंगे पेशेवार
न होगी रंगों की ये बहार
पीछे मुड के जो हमने देखा
हाँ हमने है बहुत कुछ सीखा
लेकिन उस पहले दिन के सवाल का जवाब आज भी है फीखा
अब कोई हमसे पूछे क्यों एम् बी ऐ तो जवाब मिलेगा तीखा
सफ़र का पहला दिन
शुरू हुआ क्यों एम् बी ऐ के जवाब के बिन
ढूंढना तो था इस सवाल का जवाब
पर वक़्त ने बना दिया हमे ज़िन्दगी का नवाब
बुन ने लगे थे अलग ही ख्वाब
वक़्त ने बिछादिया खुशियों का ढेर
न कर सका उसका तोल कोई भी सेर
समा लिया था यादों की दुनिया
लेकिन अलग था हकीकत का आशियाँ
इसी मस्ती में ना जाने कैसे गुज़र गए दिन
मन के तरंग में सतरंगी पलछिन
किताब के हर पन्ने पे है यादों की छवि
हर पल ने बना दिया हमे और भी अनुभवी
दोस्तों से हर झगडे की याद भी ला देगा चेहरे पे हसी
ऐसी गहरी है दिल में यादें बसी
अब बस रह गए है चंद पल
ना जाने क्या लाएगा आने वाला कल
छात्र से बन जायेंगे पेशेवार
न होगी रंगों की ये बहार
पीछे मुड के जो हमने देखा
हाँ हमने है बहुत कुछ सीखा
लेकिन उस पहले दिन के सवाल का जवाब आज भी है फीखा
अब कोई हमसे पूछे क्यों एम् बी ऐ तो जवाब मिलेगा तीखा
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