Wednesday, April 24, 2013


कहना है अब अलविदा 

ना जाने कहाँ आ गए हम चलते चलते 
ज़िन्दगी की लहर के साथ बहते 

बढ़ने लगी थी साथ की गहराई 
दिल ने ली एक नयी अंगडाई 

कहीं से आ गयी एक भवर 
बदल गयी हमारे कश्ती की सफ़र 

अब रह गए है हमारे साथ के कुछ दिन और रातें 
चलो याद करते है बीतें दिनों की बातें 
कितनी सुहानी थी अपनी मुलाकातें 
बन कर रह जायेगी दिलों में यादें 

अलग अलग थी हमारी ज़ुबानी 
फिर भी बन गयी हमारी एक कहानी 

अब बदल जायेगी ज़िन्दगी की रफ़्तार 
बस रह जाएगी इन सभी पलों की खुमार 
क्यों ना बनाये इन कुछ पलों को याद्गार…………… 


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