उनपेक्षित मेहमान
अचानक आया कोई घर के अन्दर
चौंक के जो मैंने देखा, था वो बन्दर
कीच कीच की आवाज़ करता
खाना ढूंढता दर बदर भटकता
ना जाने कहाँ से आया था
पापी पेट की भूक उसे यहाँ खींच लाया था
सबके चेहरे पे था डर
नहीं आया था वो किसी को चोट देने इधर
क्यों आता वो इस पापी मनुष्य से भरी शहर
अगर न छीनता उस से उसका घर
जिस पेड़ के फलों से चलता था उसका जीवन
अब उनकी जगह हो रहा है मानव संग्राम का आगमन
काट कर सारे जंगल
बना रहे है अपना जीवन मंगल
ना छोड़ी तुमने मेरे जीने के लिए कोई जगह
वरना क्या है तुम्हारे घर आने की मेरी वजह
कहते हो मुझे अपना पूर्वज
नहीं सोचा ऐसे होगे हमारे अनुज
प्रकृति के नियम न तोड़ो
मंगलमयी जीवन से नाता जोड़ो
इंसानियत से मुह न मोड़ो
हमारे लिए भी जीने की जगह छोड़ो
तुम भी जियो हमे भी जीने दो
अचानक आया कोई घर के अन्दर
चौंक के जो मैंने देखा, था वो बन्दर
कीच कीच की आवाज़ करता
खाना ढूंढता दर बदर भटकता
ना जाने कहाँ से आया था
पापी पेट की भूक उसे यहाँ खींच लाया था
सबके चेहरे पे था डर
नहीं आया था वो किसी को चोट देने इधर
क्यों आता वो इस पापी मनुष्य से भरी शहर
अगर न छीनता उस से उसका घर
जिस पेड़ के फलों से चलता था उसका जीवन
अब उनकी जगह हो रहा है मानव संग्राम का आगमन
काट कर सारे जंगल
बना रहे है अपना जीवन मंगल
ना छोड़ी तुमने मेरे जीने के लिए कोई जगह
वरना क्या है तुम्हारे घर आने की मेरी वजह
कहते हो मुझे अपना पूर्वज
नहीं सोचा ऐसे होगे हमारे अनुज
प्रकृति के नियम न तोड़ो
मंगलमयी जीवन से नाता जोड़ो
इंसानियत से मुह न मोड़ो
हमारे लिए भी जीने की जगह छोड़ो
तुम भी जियो हमे भी जीने दो
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