नयी सफ़र
एक नयी सुबह और एक नया सफ़र,
मंजिल पर टिकी है नज़र/
अन्जानी राहों ने खोले है बाहें,
कितनी भी मुश्किलें आये बढ़ना है अब हमें/
इस राह पर जाने क्या होगा हासिल,
फैसला कर पाना है मुश्किल/
बीता छोड़ आगे बढ़ना ज़िन्दगी का दस्तूर,
अब ये भी है हमे मंज़ूर/
निकल पड़े है नयी सफ़र पर, अन्जान से पहचान और मुश्किल का सामना करने,
ऐ खुदा बस इतना करदे दे जाना होंसला, जो निकले है अन्जान राह पर चलने/
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