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अच्छे दोस्त होने की शायद मिलती है सज़ा
सहना पड़ता है दोस्त का गुस्सा
दिल का है सार कसूर
अपनों को ही कर देता है मजबूर
वादा तो करते है निभाने अच्छे बुरे में साथ
फिर भी बुरा लग जाता है दोस्त का बात
मॉफी लफ्ज़ लगने लगता है छोटा
अपने गलती का घड़ा जो हो जाता है मोटा
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