Friday, February 22, 2013

उदासी 

बुलंद हो कर किया था हमने जो फैसला 
आज टूट रहा है वही होसला 

तरक्की की राह पर उठाये थे जो कदम 
चुकाना पड़ रहा है उसका भारी रकम 

कुछ हासिल करने की थी दिल में छोटी सी आस 
हर पड़ाव पर हो रहे है बस निराश 

कर रहे है हर दिन नया संघर्ष 
काश मिल जाए ज़िन्दगी में उत्कर्ष 

क्या किया था ज़िन्दगी में अपराध कोई घोर 
क्यों दे रहे हो सज़ा चलाके यु ज़िन्दगी का डोर 

न दिखे अब हमे जीने का कारण 
हर कदम पर असफलता से स्वीकार होगा हमे मरण 


No comments: