उदासी
बुलंद हो कर किया था हमने जो फैसला
आज टूट रहा है वही होसला
तरक्की की राह पर उठाये थे जो कदम
चुकाना पड़ रहा है उसका भारी रकम
कुछ हासिल करने की थी दिल में छोटी सी आस
हर पड़ाव पर हो रहे है बस निराश
कर रहे है हर दिन नया संघर्ष
काश मिल जाए ज़िन्दगी में उत्कर्ष
क्या किया था ज़िन्दगी में अपराध कोई घोर
क्यों दे रहे हो सज़ा चलाके यु ज़िन्दगी का डोर
न दिखे अब हमे जीने का कारण
हर कदम पर असफलता से स्वीकार होगा हमे मरण
बुलंद हो कर किया था हमने जो फैसला
आज टूट रहा है वही होसला
तरक्की की राह पर उठाये थे जो कदम
चुकाना पड़ रहा है उसका भारी रकम
कुछ हासिल करने की थी दिल में छोटी सी आस
हर पड़ाव पर हो रहे है बस निराश
कर रहे है हर दिन नया संघर्ष
काश मिल जाए ज़िन्दगी में उत्कर्ष
क्या किया था ज़िन्दगी में अपराध कोई घोर
क्यों दे रहे हो सज़ा चलाके यु ज़िन्दगी का डोर
न दिखे अब हमे जीने का कारण
हर कदम पर असफलता से स्वीकार होगा हमे मरण
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