ईमान
दिल में थी एक अजीब सी घबराहट
कहनी थी तुम से दिल की हालत
दिल को थी तुम्हारी ज़रुरत
ना थे तुम कभी मेरे साथ, येही है हकीकत
वादा किया था डोज हमेशा मेरा साथ
पर न थे तुम वहां जब आई उसे निभाने की बात
फिर भी न कर सके तुमसे नफरत
है ये हमारे पागल दिल की हजरत
आज दिल से इंसानियत पर से विश्वास टूटा
जिसे अपना माना उनका साथ जबसे है छूटा
न कर पाये तुम्हे इस दिल से दूर
करते रहेंगे तुम्हारे ख़ुशी की कामना हमेशा ज़रूर
दिल में थी एक अजीब सी घबराहट
कहनी थी तुम से दिल की हालत
दिल को थी तुम्हारी ज़रुरत
ना थे तुम कभी मेरे साथ, येही है हकीकत
वादा किया था डोज हमेशा मेरा साथ
पर न थे तुम वहां जब आई उसे निभाने की बात
फिर भी न कर सके तुमसे नफरत
है ये हमारे पागल दिल की हजरत
आज दिल से इंसानियत पर से विश्वास टूटा
जिसे अपना माना उनका साथ जबसे है छूटा
न कर पाये तुम्हे इस दिल से दूर
करते रहेंगे तुम्हारे ख़ुशी की कामना हमेशा ज़रूर
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