मेरा पहला प्यार
तुम से थी ज़िन्दगी में बहार,
अब सब कुछ लगता है बेकार,
तुम थे मेरे पहले प्यार,
ना मिल पाएंगे हम कभी....
यह सच को करना चाहूं इनकार/
है यह हम दोनों की कहानी,
में हूँ तेरे दिल की वाणी,
साथ बितायी हर पल सुहानी/
आसमान बना आइनाँ,
दिखाए अपने प्यार की निशानियाँ,
हर पत्ता जाने दिल की सिसकियाँ/
तेरी परछाई में बीती हर रात,
वो तारे भी करते अपनी ही बात/
तेरे पत्तों की महक और फलों की मिठास,
तुझे बनाये सबसे ख़ास/
तू ना कभी मेरे बाँहों में समा पाया,
फिर भी इस दिल में जगह कर गया/
मेरे आँगन का था तू राजकुमार,
बना मेरा पहला प्यार/
प्रकृति का तू एक रंग,
लाया था मेरी ज़िन्दगी में तरंग,
समा गया होकर उन्ही का एक अंग,
ले गया मेरी हर राज़ अपने संग/
अलग थी अपनी कहानी,
अभी भी हूँ तुम्हारी दीवानी/
थे तो तुम एक पेड़,
नन्ही कली के दिल को तुमने था छेड़/
जगाया मेरे दिल में प्रेम की भावना,
किया था मैंने तेरे संग ज़िन्दगी की कामना/
बचपन की मासोमियत,
बनाए हमारे प्यार को खूबसूरत,
भुला देना भी थी उस उम्र की खासियत/
ना कभी थकता ना मेरी बातों पे बिगड़ता,
तेरे बिना यह बचपन से जवानी का सफ़र तो तय नहीं होता/
अब खलती है मुझे तेरी कमी,
ना मिला कोई जिसे सुना पाए दिल का सभी/
हमे ज़िन्दगी के सुख देने हुआ तू कुर्बान,
अब समझी तेरा प्यार था कीतना महान,
तुझसे बिछड़ हम हुए बेजान/
तुझ जैसा साचा साथी ना मिलेगा मुझे,
पर काट दिया बेरहमी से तुझे/
ना कुछ माँगा ना बोला,
क्यों छोड़ गया मुझे यु अकेला ???