Sunday, June 10, 2012



बरसात........ :)


सावन की पहली बरसात,
वाह..!!!!!!!!!!!!!  लाये नयी उमंग  अपने साथ/

गर्मी से थी बड़ी आफत,
अब मिलेगी थोड़ी राहत/

झूम उठा बाँवरा मन,
जैसे मोरनी हो उसकी दर्पण/

वो काले घने बादल,
लगे जैसे ममता की आँचल/

वो बादलों की खनक,
मिट्टी की महक,
बूंदों की वो छनक, 
ख़ुशी दे रही है दस्तक/

कहते है इसे प्यार का मौसम,
याद आता है गानों  का सरगम/

बरसात के बाद चांदनी,
बन जाए उस पल संगिनी/

दिलदार से करते दिल की बात,
और गरमा गरम पकोड़े हो साथ/

दिल झूम जाए ख़ुशी से, 
ना है कोई और उम्मीद इस पल से/

आ गया है सावन,
कुछ और ना चाहे ये पागल मन/


Friday, June 8, 2012

शब्द नहीं......


कहता है दिल मेरा बहुत कुछ ,
पर बयान करना चाहू तो शब्द नहीं/
घर के हर कोने में बसी है कई यादें ,
उन यादों को ऐतबार करने के लिए भी शब्द नहीं/
वोह चाँद तारों से बातें करते रात का गुज़र जाना,
अब अपने तनहाइयों से बात करने के लिए भी शब्द नहीं/
आँखों से आंसू चलके जैसे कोई जाम ,
उस आंसुओं को रोकने के भी शब्द नहीं /

ज़िन्दगी के हर मोड़ पर शब्दों का यु साथ छोड़ देना,
क्या शब्द ही है जो कर पाए भावना इज़हार ,
दिल की बातें तोह आँखों से बयान होती है ,
शब्द ना हो तो क्यों रुक जाती है ज़िन्दगी?
शब्द न हो क्यों आ जाती है दूरियां?
क्यों हर एहसास को शब्दों में बयान करना पड़ता है?

ना समझा पाउंगी किसी को अपने दिल का हाल
क्यों की मेरे पास शब्द ही नहीं।................



Tuesday, May 29, 2012



आसमान की परी 


 आशियाना ढूँढती हुई
आ पहुंची हूँ किसी घरोंदे में
ज़िन्दगी की तलाश में भटकती
सन्नाटे की आह में सिसकती
दर्द की आवाज़ है गूंजती मेरी कानों में
उड़ने कि चाह लिए निकल पड़ी थी
पंख है फडफडाते, थक चुके हार चुके
पर ना मिला मेरा कोई आशियाना
आसमान में ही हूँ फिर भी मंजिल दूर है
उन्से क्या कहे जो मेरे साथ उड़ना चाहते है
फिर भी कहते है मुझे आसमान की परी........:)

Wednesday, May 23, 2012

प्यार
होता क्या है ये प्यार????
दो दिलों में टकरार, फिर इकरार, और फिर.........प्यार
शायद यही होता है प्यार......
मैंने ना जाना होता क्या है ये प्यार/
पर सुना तो बहुत कुछ है/
है ये भी एक सुनी सुनाई कहानी जो उतना ही मधुर था, जैसे फिल्मों में प्यार को दिखाया जाता है......साथ जीने मरने कि कसमें खाए थे, पर ना जाने कब बिछड़ गए/
है एक टूटे दिल के आन्सौं जो ना तो छुप  सकते ना ही बह सकते है,
तो आसुओं को तो इज़हार करना था अपने दिल हा हाल...........
कब आ गयी इतनी दूरियां,
ना सही जाए ये बेताबियाँ/
क्यों है मेरे दिल में अब भी तेरे लिए प्यार,
क्यों करती हूँ में अब भी तेरा इंतज़ार/
ना किया था कोई बेवफाई,
फिर क्यों दी मुझे ये तन्हाई/
हमारा प्यार किसी परीक्षा का मौताज नहीं,
कुर्बान हो प्यार तो ये ही सही/
ना कभी होगा ये प्यार कम.
तुम्हारा साथ खोया,...... बस इतना है घम/

फिर ना करेंगे कभी किसी से इतनी मोहोब्बत,
जो तुम ना कर पाए इसकी इबादत/
तुमसे बिछड़ कर यो जीना,
अच्छा  लगेगा मर जाना/
प्यार खोया ज़िन्दगी खोयी,
ना करेंगे प्यार कभी येही सीख है पायी/
दिल आखिर तू क्यों रोता है,
शायद प्यार का अंत युही होता है............

Sunday, April 15, 2012

मेरी कहानी.......

ना जाने क्यों ऐसा लगा जैसे मैंने इतने दिनों के जीवन में ना कुछ पाया है लेकिन बहुत कुछ ख़ोया हैं....... जब से मैंने ज़िन्दगी को समझा उस दिन से बस समझौता ही था मेरी ज़िन्दगी में ......कभी अपने आप को मैंने समझाया तो कभी किसी और ने.... पर ऐसा एक पल मुझे याद नहीं जहाँ में और बस में थी..... हमेशा किसी और ने मेरी ज़िन्दगी के फैसले लिए और उनकी ख़ुशी के खातिर मैंने मान भी लिया पर उन्होंने कभी ये नहीं सोचा की मेरी भी कुछ इत्छाएं है जिनके लिए में जी रही हूँ......


ये है मेरी कहानी,
बेजान दिल की जुबानी,
तन्हाई की निशानी/

दिल में सन्नाटा लिए,
ना जाने कहाँ हम चल दिए/

दुनिया से आंसू छुपाते,
ना मिला कोई जिसे अपना दर्द बता पाते/

जिसे सुनाया उसने मज़ाक बनाया,
तो इंसानियत का क्या मतलब रह गया/

ख़ुशी सब ने बांटा दर्द ना बाँट सका कोई,
अपना और पराया क्या समझा पायेंगे हमे कभी/

जिसे अपना माना उसने भी बेगाना बनाया,
उस से क्या शिकायत करना जब अन्जान हो गया है खुद का साया/

जब सब ने हमें ठुकराया,
तब आंसुओं ने साथ हर पल निभाया/

बस अकेले रह गए इस राह पर,
ना चाहेंगे किसी का साथ ज़िन्दगी भर/

तन्हाई बन गयी है मेरी साथी,
अब उसी से है हर खुसी मिल जाती/

बस ये है मेरी कहानी,
तन्हा है जिंदगानी..................

Saturday, April 14, 2012

मेरा राजकुमार.... :)


दिल का है ये पैगाम,
जो होगा किसी एक के नाम/


होगा कोई खुशनसीब,
जो होगा मेरे दिल के करीब/


समझे मुझे जैसे मेरा दर्पण,
कर दूँगी उसे अपना जीवन समर्पण/

ना होगा कुछ भी मेरा या तेरा,
होगा सब कुछ बस हमारा/



चाहू ऐसा इंसान जो करे मुझ से बेहत प्यार,
चाहे करना पड़े उसके लिए ज़िन्दगी भर इंतज़ार,
उस से मिलने को यह दिल बेकरार,
ना जाने कहाँ है वो मेरा राजकुमार.......


Friday, April 6, 2012


मीठा एहसास


है एक सुहानी शाम की बात,
हुई है बिन मौसम बरसात/


दिल में है सन्नाटा छाया,
पता नहीं घने बादल ने क्यों दिल को घबराया,
क्यों है ज़िन्दगी पर घम का साया/


वक़्त ने एहसास दिलाया,
तुने हर पल बुरा नहीं पाया,
मैंने ख़ुशी को संग है लाया/


एक अजीब सी खुशबू मेरी बाहों में भर गयी,
ना जाने क्या है जो दिल में ख़ुशी का एहसास छोड़ गयी/


मौसम ने जगाया दिल में प्यार,
काश हमारा भी होता ऐसा कोई दिलदार,
जिस से करना चाहे हम प्यार का इज़हार,
है ऐसे प्यार का इंतज़ार/


उस पल हर घम हमसे दूर था,
बस जीने का एहसास संग था,
और वो मेरी बाहों में था/


दिल कुछ और तो नहीं चाहता,
बस वक़्त उस पल थम जाता/


हर बारिश की बूँद हमे छेड़ता,
कर दिया था अपना जीवन उसे समर्पण,
तोह क्या हवा और क्या बारिश,
कोई ना हमे अलग कर पाता/


इस दुनिया में सच्चा प्यार था हमने पाया,
पर ऐसा लगा जैसे किसी ने है आवाज़ लगाया,
सच्चाई को था हमने जो ठुकराया/


ज़िन्दगी उस ही मोड़ पर वापस आ गयी,
जहाँ यह सपना वो छोड़ गयी/


अब हमे जीने का एहसास हो गया,
उस प्यार को तो बस सपने में ही है पाया/


सपना हुआ ख़तम मंजिल था आगे,
आ गए है फिर उसी दोराहे.........................