Sunday, June 16, 2013

Apne????

Jinse keh sake dil ki har baat
Jo samjhe hamare har jazbaat
Kya inhe kahu mein apna???

Jis pe kar saku aankh moond kar vishvas
Jo padhe hamare chehre ka har ehsaas
Kya inhe kahu mein apna???

Jiske saath har jhagde mein chupa hai pyaar
Jo hamara gussa shaant hone ka kare intezaar
Kya inhe kahu mein apna??

Jo na kare humse koi gaban
Jise karungi apna jeevan arpan
Kya use kahoon mein apna????

Aaj karti hoon sach ka aitbaar
Galat thi jo deti thi sabko apna hone ka karaar

Aaj samjhi hoon mein
Na hai koi apna is duniya mein

Jis kisi ne racha hai ye khel
Karvata hai wahi logon ka mel

Ab nahi hai kisi rishtein mein chetna
Nahi milti kisi se prerna

Na hai koi apna
Kisi ko apna bana paaye bas hoga ek sapna

Is duniya mein khush rehne ka ek hi mantr
bas khud hi ko banao use paane ka maadhyam aur yantr

Saturday, June 1, 2013

उनपेक्षित  मेहमान 

अचानक आया कोई घर के अन्दर 
चौंक के जो मैंने देखा, था वो बन्दर 

कीच कीच की आवाज़ करता 
खाना ढूंढता दर बदर भटकता 

ना जाने कहाँ से आया था 
पापी पेट की भूक उसे यहाँ खींच लाया था 

सबके चेहरे पे था डर 
नहीं आया था वो किसी को चोट देने इधर 

क्यों आता वो इस पापी मनुष्य से भरी शहर 
अगर न छीनता उस से उसका घर 

जिस पेड़ के फलों से चलता था उसका जीवन 
अब उनकी जगह हो रहा है मानव संग्राम का आगमन 

काट कर सारे जंगल 
बना रहे है अपना जीवन मंगल 

ना छोड़ी तुमने मेरे जीने के लिए कोई जगह 
वरना क्या है तुम्हारे घर आने की मेरी वजह 

कहते हो मुझे अपना पूर्वज 
नहीं सोचा ऐसे होगे हमारे अनुज 

प्रकृति के नियम न तोड़ो 
मंगलमयी जीवन से नाता जोड़ो 
इंसानियत से मुह न मोड़ो 

हमारे लिए भी जीने की जगह छोड़ो 
तुम भी जियो हमे भी जीने दो 

Saturday, May 25, 2013

परीक्षा केंद्र 

वाह रे हमारी किस्मत 
क्यों करवाते हो हमसे इतनी कसरत 
क्या जानते हो हम में है इतनी हिम्मत??

 MBA के सफ़र की आखरी परीक्षा 
होगी हमारे ज़िन्दगी की आखरी किताबी शिक्षा 
पर ये लग रहा है कोई अग्नि परीक्षा 

कॉलेज देख हम रह गए अघात 
पसीने से भीगे हमारे हाथ 
लिखने में नहीं देते हमारा साथ 

बिजली की कटौती से जैसे जोड़ी है यारी 
सूरज बरसाए अग्नि के गोले भारी 
पानी के बूँद के लिए तरसे जैसे रेगिस्तान की पारी 

नहीं है कोई सुनने वाले हमारी अर्जी 
कहेंगे लिखो न लिखो तुम्हारी मर्ज़ी 

नहीं है कोई पद जो हम दे सके सुझाव 
ये परीक्षा केंद्र है आखरी पड़ाव

Saturday, May 18, 2013

छोटी सी आस 

तुम संग ज़िन्दगी गुज़ारने की की थी हमने ख्वाइश 
इसी बात को इज़हार करने की की थी तुमसे गुज़ारिश 

ना जाने क्या है तुम्हारे दिल में कशमकश 
क्यों कर रहे हो अपने आप से संघर्ष 
करके इज़हार अपने दिल का हाल करो हमे दिलखुश 

अब बातें भी लगती है ज़रूरतें 
मेरे दिल के है ये हसरतें 
क्या इसी को कहते है मोहोब्बतें??

करना चाहते है एक कोशिश 
तुमने ना दिखाई वही कशिश 

यादगार बनाना चाहते थे अपनी कहानी 
डूब गयी कश्ती बिना कोई निषानी 

अब बस है आँखों से बहती धरा 
काले घने रात का ही है सहारा
माँ 

जिसकी लोरी सुनके ही सोते थे
जिसके बाहों में हम बड़े हुए
जिसने हमारे सपनों को अपनी आँखों में देखे

जिसने हमे सही गलत का मतलब सिखाया
जिसने हर पल हमारा साथ निभाया
जिसने हमे प्यार का मतलब समझाया

जो है सुख दुःख में हमेशा मेरे साथ
ना छुपा है जिससे कोई भी बात

जिसने मेरे सपनों को उड़ान दिया
समाज में मुझे एक पहचान दिया

आज भी जिसके गोद में सोने की रहती है इच्छा
कहाँ किसी से मिलेगा प्यार इतना सच्चा

जिसके हात के खाने में हो अमृत का स्वाद
जिसके संग मिले ख़ुशी और आह्लाद

जिस से मिले जीने की मकसत
जिस से मिले हर दर्द में लड़ने की ताकत

दे कर हर ख़ुशी ना रखती हमसे कोई भी आस
येही है माँ के ममता का राज़

कहते है बच्चे होते है भगवान का रूप
लेकिन माँ तू तो है उन्ही का स्वरुप

माँ---- मेरे दिल के भावनाओं को ना मिले शब्दों का साथ
लेकिन तू तो जाने मेरे दिल की हर बात 

Tuesday, May 7, 2013

garmi ki chutti

bachpan ki kuch yaadein hui hai taaza
aata tha har din kitna mazaa

pareeksha khatam hone ka karte the intezaar
garmi ki chuttiyon ke liye dil rehta tha bekaraar

woh chidiyon ke chu chu se hota jo savera
aaj nahi dikhe kahin hume chidiyon ka basera

bijlee ki katauti nahi lagti thi sazaa
aangan mein sabhi ke saath mil baithne ka uthathe the jo mazaa

taaron ke neeche guzarti thi jo raatein
yaad aati hai kai baatein

ped se aam ka tootke girna
hum sabka woh daud lagaana

bas aaj reh gayi hai yeh yaadein
chah kar bhi na laa sakenge wo beeti baatein

thi kitni maasomiyat
zindagi kitni khoobsoorat

aaj bas har waqt hai udaasi chaayi
prakruti ke saath ka anand jo hum se door hui
प्यार 

प्यार में दो प्रेमी पागल 
कर रहे थे एक दूजे को घायल 

मैंने किया उनसे सवाल 
क्यों मची है उनके बीच ये बवाल 

न समझते थे एक दुसरे की बात 
ना रहना चाहते थे एक दुसरे के साथ 

दिल में आये कई विचार 
क्या ऐसा ही होता है प्यार???

सुनी एक गहरी आवाज़ 
खोल दिया जिसने प्यार के असलियत का राज़ 

समुंदर की लहर 
बगीचे में सेहर 

ठंडी हवा का झोका 
चिड़िये की चु चु  को किसने है रोका 

फलों की मिठास 
फूलों के खुसबू की साज़ 

बच्चे की किलकारी 
माँ के आँचल की लाली 

मिटटी की महक 
बारिश के बूंदों की खनक 

ख़ुशी जिसमे है मिलती 
प्यार भी वही है खिलती 

बादलों अपने सोचने का अंदाज़ 
प्यार तो है एक मीठा एहसास 

फिर क्यों करता है कोई प्यार के लिए इंतज़ार 
जब संसार में मिले है ये बेशुमार