Tuesday, May 7, 2013

प्यार 

प्यार में दो प्रेमी पागल 
कर रहे थे एक दूजे को घायल 

मैंने किया उनसे सवाल 
क्यों मची है उनके बीच ये बवाल 

न समझते थे एक दुसरे की बात 
ना रहना चाहते थे एक दुसरे के साथ 

दिल में आये कई विचार 
क्या ऐसा ही होता है प्यार???

सुनी एक गहरी आवाज़ 
खोल दिया जिसने प्यार के असलियत का राज़ 

समुंदर की लहर 
बगीचे में सेहर 

ठंडी हवा का झोका 
चिड़िये की चु चु  को किसने है रोका 

फलों की मिठास 
फूलों के खुसबू की साज़ 

बच्चे की किलकारी 
माँ के आँचल की लाली 

मिटटी की महक 
बारिश के बूंदों की खनक 

ख़ुशी जिसमे है मिलती 
प्यार भी वही है खिलती 

बादलों अपने सोचने का अंदाज़ 
प्यार तो है एक मीठा एहसास 

फिर क्यों करता है कोई प्यार के लिए इंतज़ार 
जब संसार में मिले है ये बेशुमार 

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