परिचय का रिवाज़ ...............
भवंस के परिवार में आज करते है आपको शामिल
चलो आज करते है ये नया रिश्ता मुकम्मल
जानते तो है आप सभी को
आज मिला मौका सबसे मिलाने का हमको
हमारे मुखिया की क्या दे हम पहचान
इनकी मुस्कान पे हर दिल कुर्बान
इनका साथ न होता तो भवंस में हमारा सफ़र होता बेजान
ये है हमारे प्रधानाचार्य अशोक सर
सय्यम है इनका मूल आधार
शांति से करते है हर बात का परिहार
हमारी गलती बनाये इन्हें सक्त
दिखे आपका ये स्वभाव अटेंडेंस की कमी के वक़्त
देखना चाहो अगर दिन में तारे
अटेंडेंस की कमी ला के तो देखना सारे
आप है हमारे चक्रवर्ति सर
रिसर्च की प्रक्रिया का सिखाया हमे चातुर्य
सीखने मिला बहुत कुछ बनके आपके अनुचार्य
सिखाया क्या है ग्यान की गहरायी
है आप सबसे अनुभवी
आप है हमारे सुब्बा राव सर
आपका मिजाज़ है थोडा सख्त
आपको समझने लग गया सफ़र का सार वक़्त
करीब से देखा तो जाना
इंसानियत आपकी पहचान ये हमने माना
इंसान को परखना है आपसे सीखना
आप है हमारे वेणु सर
गुणी है आप एकाउंट्स में
हर मुश्किल हल करदे मिनटों में
डेबिट क्रेडिट की अंकों में
दोस्त जैसा मिला आपका साथ हमें
आप है हमारे महेंदर सर
प्यार है इनका मिजाज़
माँ की ममता का है इनमे अंदाज़
ग्यान बाटने हर वक़्त हाज़िर
हर सब्जेक्ट में आप है माहिर
आप है हमारे ललिता माम्
लता जी सुशीला जी को भी दे जाए टक्कर
ऐसा लगा था आपकी मधुर वाणी सुनकर
ना सुनी हमने इतनी मीठी वाणी
हर पाठ सुनते है मानो कोई कहानी
आप है हमारे माधुरी माम्
चुप चुप हमेशा रहती है
हमारी गलती पे डांट ती भी शान्ति से है
न देखि हमने आपके चेहरे पर कभी भी गुस्सा
आपके साथ का है अनोखा किस्सा
पर आप सब ज़रूर याद रखना
इनकी कक्षा में कैलकुलेटर भूलने की गलती कभी न करना
आप है हमारे कविता माम्
गुरु में दोस्त की पहचान
इनको नाराज़ न करना सब रहो सावधान
गुस्सा अगर आ जाए तो क्रेजी कर दे सार जहां
हर पाठ में भर देती है जान
आप है हमारी सुवर्चला माम्
वार्तालाप के नियमों में आप निपुण
अनुशाशन सिखाके करते हो हमे परिपूर्ण
दिल में घर कर जाए आपके आवाज़ की धार
करते हो हमारे प्रस्तुति कौशल्या को सुधार
आप है हमारे मीनू माम्
गुस्सा क्या है जानती नहीं
सबके जीवन में मिठास घोलना भूलती नहीं
अपना ग़म भूल ख़ुशी बाटना इनका अंदाज़
रसगुल्ले की मिठास इनके जीवन का राज़
गुरुओं में सबसे नयी सदस्य
आप है हमारे पुष्पा माम्
सुनेंगे आप मायो और टेलर की वाणी
अपने मैनेजमेंट गुरुओं की जुबानी
गुरुओं के लिए कल तक हम थे छोटे
अब बन गए बड़े क्यों की आ गए हमसे छोटे
अब करवाते है आपका परिचय आप ही के अपने सीनियर्स से
अपनी तारीफ़ हम खुद करते नहीं
अपनों की तारीफ़ करते कभी थकते नहीं
CR की करते है अदाकारा
इनसे मिलिए ये है रक्षित और इंदिरा
अत्चे बुरे में रहते है हम साथ
एक झूट में करते है कोई भी बात
परिचय की अब है आपकी बारी
कैसे शुरू की थी आपने अपनी पारी
रह चुके है हम भी आपकी जगह में
मचले थे हमारे भी दिल इसी हलचल में
अब है ये मंच तैयार
किस बात का है आपको इंतज़ार
लगते है नयी दोस्ती का मुहूर्त
क्या दोस्ती निभाने का वादा करने तैयार है आप इसी वक़्त??
introducing the faculty to our juniors and a tribute to my management gurus... this was a small trial from my side