रुकना नहीं
ज़िन्दगी किसी के लिए नहीं रुकती
फिर भी दिल की भावनाएं है थम जाती
गुज़ारे कई दिन और रातें
आंसुओं के साथ करते थे बातें
क्यों किसी को दिल ने माना था ख़ास
जब जानती थी नहीं रहेगा वो मेरे पास
क्यों देखे थे मैंने उसके साथ ख्वाब
उसके पास नहीं है मेरे किसी सवाल का जवाब
अब नहीं करना पड़ेगा किसी का इंतज़ार
अब नहीं है करना किसी को भावनाओ का इज़हार
नहीं बांटना पड़ेगा उसके साथ मेरी ज़िन्दगी के पल कुछ हज़ार
अब नहीं करना पड़ेगा उसे खुश रखने का प्रयास
नहीं रखेगा दिल अब किसी से कोई आस
कहते थे बनायेंगे अपना आशियाना
तोड़ दिया तुमने वही सपना
आज हम उन भावनाओ से आज़ाद हुए
बीता छोड़ आगे बढ़ने की क्षमता साथ लिए
अब चलेगी मेरी ज़िन्दगी में मेरी ही मर्ज़ी
नहीं करनी किसी से या सुन्नी किसी की अर्जी
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