Tuesday, May 7, 2013

प्यार 

प्यार में दो प्रेमी पागल 
कर रहे थे एक दूजे को घायल 

मैंने किया उनसे सवाल 
क्यों मची है उनके बीच ये बवाल 

न समझते थे एक दुसरे की बात 
ना रहना चाहते थे एक दुसरे के साथ 

दिल में आये कई विचार 
क्या ऐसा ही होता है प्यार???

सुनी एक गहरी आवाज़ 
खोल दिया जिसने प्यार के असलियत का राज़ 

समुंदर की लहर 
बगीचे में सेहर 

ठंडी हवा का झोका 
चिड़िये की चु चु  को किसने है रोका 

फलों की मिठास 
फूलों के खुसबू की साज़ 

बच्चे की किलकारी 
माँ के आँचल की लाली 

मिटटी की महक 
बारिश के बूंदों की खनक 

ख़ुशी जिसमे है मिलती 
प्यार भी वही है खिलती 

बादलों अपने सोचने का अंदाज़ 
प्यार तो है एक मीठा एहसास 

फिर क्यों करता है कोई प्यार के लिए इंतज़ार 
जब संसार में मिले है ये बेशुमार 

Thursday, May 2, 2013


रुकना नहीं

ज़िन्दगी किसी के लिए नहीं रुकती
फिर भी दिल की भावनाएं है थम जाती

गुज़ारे कई दिन और रातें
आंसुओं के साथ करते थे बातें

क्यों किसी को दिल ने माना था ख़ास
जब जानती थी नहीं रहेगा वो मेरे पास

क्यों देखे थे मैंने उसके साथ ख्वाब
उसके पास नहीं है मेरे किसी सवाल का जवाब

अब नहीं करना पड़ेगा किसी का इंतज़ार
अब नहीं है करना किसी को भावनाओ का इज़हार
नहीं बांटना पड़ेगा उसके साथ मेरी ज़िन्दगी के पल कुछ हज़ार

अब नहीं करना पड़ेगा उसे खुश रखने का प्रयास
नहीं रखेगा दिल अब किसी से कोई आस

कहते थे बनायेंगे अपना आशियाना
तोड़ दिया तुमने वही सपना

आज हम उन भावनाओ से आज़ाद हुए
बीता छोड़ आगे बढ़ने की क्षमता साथ लिए

अब चलेगी मेरी ज़िन्दगी में मेरी ही मर्ज़ी
नहीं करनी किसी से या सुन्नी किसी की अर्जी




Wednesday, May 1, 2013

ईमान 

दिल में थी एक अजीब सी घबराहट 
कहनी थी तुम से दिल की हालत 
दिल को थी तुम्हारी ज़रुरत 
ना  थे तुम कभी मेरे साथ, येही है हकीकत 

वादा किया था डोज हमेशा मेरा साथ 
पर न थे तुम वहां जब आई उसे निभाने की बात 

फिर भी न कर सके तुमसे नफरत 
है ये हमारे पागल दिल की हजरत 

आज दिल से इंसानियत पर से विश्वास टूटा 
जिसे अपना माना उनका साथ जबसे है छूटा 

न कर पाये तुम्हे इस दिल से दूर 
करते रहेंगे तुम्हारे ख़ुशी की कामना हमेशा ज़रूर 


Wednesday, April 24, 2013


कहना है अब अलविदा 

ना जाने कहाँ आ गए हम चलते चलते 
ज़िन्दगी की लहर के साथ बहते 

बढ़ने लगी थी साथ की गहराई 
दिल ने ली एक नयी अंगडाई 

कहीं से आ गयी एक भवर 
बदल गयी हमारे कश्ती की सफ़र 

अब रह गए है हमारे साथ के कुछ दिन और रातें 
चलो याद करते है बीतें दिनों की बातें 
कितनी सुहानी थी अपनी मुलाकातें 
बन कर रह जायेगी दिलों में यादें 

अलग अलग थी हमारी ज़ुबानी 
फिर भी बन गयी हमारी एक कहानी 

अब बदल जायेगी ज़िन्दगी की रफ़्तार 
बस रह जाएगी इन सभी पलों की खुमार 
क्यों ना बनाये इन कुछ पलों को याद्गार…………… 


Tuesday, April 16, 2013

एकता 

किस एकता की कर रहे हम बात 
जब दिल में नहीं है उस भावना का साथ 

क्यों किसी को दोष दे हम 
जब हर लड़की डर को साथ लिए बढ़ाती है कदम 

ज़ुल्म हज़ारो सहने तैयार 
लेकिन नहीं उठाएगी अपने आवाज़ की धार 

समाज में आज भी है ऐसी नारी 
जो समझती है लड़की की गलती ही होती है भारी 

फिर कहते हो " चलो करते है देश का कल्याण?"
हम कहते है "पहले अपनी सोच तो बदलो याजमान"

Thursday, March 28, 2013

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लड़की पर ज़ुल्म करने वाले चोर 
फिर भी कहते हो उसे ही कमज़ोर????

अब हमे है दुनिया को बताना 
कमजोरी क्या है ये हमने ना जाना 

क्यों सहते हो इतना ज़ुल्म 
जब न किया है कोई जुर्म 

गलत है किसी और के करतब 
ना है तुम्हारे आंसुओं का कोई मतलब 

कहाँ गयी तुम्हारे चेहरे की हसी?
क्यों है कर ग़म चेहरे पे फसी??

किस बात की सज़ा तुम्हे मिलती 
जब ना की है तुमने कोई गलती 

क्यों देते हो अपने आप को सज़ा??
क्या मिलता है तुम्हे इसमें मज़ा 

है तुम्हे भी न्याय का अधिकार 
किसी और के लिए ना करो अपनी ज़िन्दगी बेकार 

बढ़ाके तो देखो अपना हाथ 
हम सब आजायेंगे देने तुम्हारा साथ 

करते है तुम्हारे ख़ुशी की कामना 
चलो करते है सच का सामना 
अब बस न्याय को है तुम्हारे आँचल से बांधना 
अपनी ख़ुशी के लिए हमे ही है लड़ना 
तुम्हारी ज़िन्दगी से अब सब को है सीखना 
साथ मिलकर अब हमे है आगे बढ़ना 
ना है हम कमज़ोर ये है सबको दिखाना................

Thursday, March 14, 2013

एम् बी ऐ का सफ़र 

सफ़र का पहला दिन 
शुरू हुआ क्यों एम् बी ऐ के जवाब के बिन 

ढूंढना तो था इस सवाल का जवाब 
पर वक़्त ने बना दिया हमे ज़िन्दगी का नवाब 
बुन ने लगे थे अलग ही ख्वाब 

वक़्त ने बिछादिया खुशियों का ढेर 
न कर सका उसका तोल कोई भी सेर 

समा लिया था यादों की दुनिया 
लेकिन अलग था  हकीकत का आशियाँ 

इसी मस्ती में ना जाने कैसे गुज़र गए दिन 
मन के तरंग में सतरंगी पलछिन 

किताब के हर पन्ने पे है यादों की छवि 
हर पल ने बना दिया हमे और भी अनुभवी 

दोस्तों से हर झगडे की याद भी ला देगा चेहरे पे हसी 
ऐसी गहरी है दिल में यादें बसी 

अब बस रह गए है चंद  पल 
ना जाने क्या लाएगा आने वाला कल 

छात्र से बन जायेंगे पेशेवार 
न होगी रंगों की ये बहार 

पीछे मुड के जो हमने देखा 
हाँ हमने है बहुत कुछ सीखा 
लेकिन उस पहले दिन के सवाल का जवाब आज भी है फीखा 
अब कोई हमसे पूछे क्यों एम् बी ऐ तो जवाब मिलेगा तीखा