Saturday, May 18, 2013

छोटी सी आस 

तुम संग ज़िन्दगी गुज़ारने की की थी हमने ख्वाइश 
इसी बात को इज़हार करने की की थी तुमसे गुज़ारिश 

ना जाने क्या है तुम्हारे दिल में कशमकश 
क्यों कर रहे हो अपने आप से संघर्ष 
करके इज़हार अपने दिल का हाल करो हमे दिलखुश 

अब बातें भी लगती है ज़रूरतें 
मेरे दिल के है ये हसरतें 
क्या इसी को कहते है मोहोब्बतें??

करना चाहते है एक कोशिश 
तुमने ना दिखाई वही कशिश 

यादगार बनाना चाहते थे अपनी कहानी 
डूब गयी कश्ती बिना कोई निषानी 

अब बस है आँखों से बहती धरा 
काले घने रात का ही है सहारा
माँ 

जिसकी लोरी सुनके ही सोते थे
जिसके बाहों में हम बड़े हुए
जिसने हमारे सपनों को अपनी आँखों में देखे

जिसने हमे सही गलत का मतलब सिखाया
जिसने हर पल हमारा साथ निभाया
जिसने हमे प्यार का मतलब समझाया

जो है सुख दुःख में हमेशा मेरे साथ
ना छुपा है जिससे कोई भी बात

जिसने मेरे सपनों को उड़ान दिया
समाज में मुझे एक पहचान दिया

आज भी जिसके गोद में सोने की रहती है इच्छा
कहाँ किसी से मिलेगा प्यार इतना सच्चा

जिसके हात के खाने में हो अमृत का स्वाद
जिसके संग मिले ख़ुशी और आह्लाद

जिस से मिले जीने की मकसत
जिस से मिले हर दर्द में लड़ने की ताकत

दे कर हर ख़ुशी ना रखती हमसे कोई भी आस
येही है माँ के ममता का राज़

कहते है बच्चे होते है भगवान का रूप
लेकिन माँ तू तो है उन्ही का स्वरुप

माँ---- मेरे दिल के भावनाओं को ना मिले शब्दों का साथ
लेकिन तू तो जाने मेरे दिल की हर बात 

Tuesday, May 7, 2013

garmi ki chutti

bachpan ki kuch yaadein hui hai taaza
aata tha har din kitna mazaa

pareeksha khatam hone ka karte the intezaar
garmi ki chuttiyon ke liye dil rehta tha bekaraar

woh chidiyon ke chu chu se hota jo savera
aaj nahi dikhe kahin hume chidiyon ka basera

bijlee ki katauti nahi lagti thi sazaa
aangan mein sabhi ke saath mil baithne ka uthathe the jo mazaa

taaron ke neeche guzarti thi jo raatein
yaad aati hai kai baatein

ped se aam ka tootke girna
hum sabka woh daud lagaana

bas aaj reh gayi hai yeh yaadein
chah kar bhi na laa sakenge wo beeti baatein

thi kitni maasomiyat
zindagi kitni khoobsoorat

aaj bas har waqt hai udaasi chaayi
prakruti ke saath ka anand jo hum se door hui
प्यार 

प्यार में दो प्रेमी पागल 
कर रहे थे एक दूजे को घायल 

मैंने किया उनसे सवाल 
क्यों मची है उनके बीच ये बवाल 

न समझते थे एक दुसरे की बात 
ना रहना चाहते थे एक दुसरे के साथ 

दिल में आये कई विचार 
क्या ऐसा ही होता है प्यार???

सुनी एक गहरी आवाज़ 
खोल दिया जिसने प्यार के असलियत का राज़ 

समुंदर की लहर 
बगीचे में सेहर 

ठंडी हवा का झोका 
चिड़िये की चु चु  को किसने है रोका 

फलों की मिठास 
फूलों के खुसबू की साज़ 

बच्चे की किलकारी 
माँ के आँचल की लाली 

मिटटी की महक 
बारिश के बूंदों की खनक 

ख़ुशी जिसमे है मिलती 
प्यार भी वही है खिलती 

बादलों अपने सोचने का अंदाज़ 
प्यार तो है एक मीठा एहसास 

फिर क्यों करता है कोई प्यार के लिए इंतज़ार 
जब संसार में मिले है ये बेशुमार 

Thursday, May 2, 2013


रुकना नहीं

ज़िन्दगी किसी के लिए नहीं रुकती
फिर भी दिल की भावनाएं है थम जाती

गुज़ारे कई दिन और रातें
आंसुओं के साथ करते थे बातें

क्यों किसी को दिल ने माना था ख़ास
जब जानती थी नहीं रहेगा वो मेरे पास

क्यों देखे थे मैंने उसके साथ ख्वाब
उसके पास नहीं है मेरे किसी सवाल का जवाब

अब नहीं करना पड़ेगा किसी का इंतज़ार
अब नहीं है करना किसी को भावनाओ का इज़हार
नहीं बांटना पड़ेगा उसके साथ मेरी ज़िन्दगी के पल कुछ हज़ार

अब नहीं करना पड़ेगा उसे खुश रखने का प्रयास
नहीं रखेगा दिल अब किसी से कोई आस

कहते थे बनायेंगे अपना आशियाना
तोड़ दिया तुमने वही सपना

आज हम उन भावनाओ से आज़ाद हुए
बीता छोड़ आगे बढ़ने की क्षमता साथ लिए

अब चलेगी मेरी ज़िन्दगी में मेरी ही मर्ज़ी
नहीं करनी किसी से या सुन्नी किसी की अर्जी




Wednesday, May 1, 2013

ईमान 

दिल में थी एक अजीब सी घबराहट 
कहनी थी तुम से दिल की हालत 
दिल को थी तुम्हारी ज़रुरत 
ना  थे तुम कभी मेरे साथ, येही है हकीकत 

वादा किया था डोज हमेशा मेरा साथ 
पर न थे तुम वहां जब आई उसे निभाने की बात 

फिर भी न कर सके तुमसे नफरत 
है ये हमारे पागल दिल की हजरत 

आज दिल से इंसानियत पर से विश्वास टूटा 
जिसे अपना माना उनका साथ जबसे है छूटा 

न कर पाये तुम्हे इस दिल से दूर 
करते रहेंगे तुम्हारे ख़ुशी की कामना हमेशा ज़रूर 


Wednesday, April 24, 2013


कहना है अब अलविदा 

ना जाने कहाँ आ गए हम चलते चलते 
ज़िन्दगी की लहर के साथ बहते 

बढ़ने लगी थी साथ की गहराई 
दिल ने ली एक नयी अंगडाई 

कहीं से आ गयी एक भवर 
बदल गयी हमारे कश्ती की सफ़र 

अब रह गए है हमारे साथ के कुछ दिन और रातें 
चलो याद करते है बीतें दिनों की बातें 
कितनी सुहानी थी अपनी मुलाकातें 
बन कर रह जायेगी दिलों में यादें 

अलग अलग थी हमारी ज़ुबानी 
फिर भी बन गयी हमारी एक कहानी 

अब बदल जायेगी ज़िन्दगी की रफ़्तार 
बस रह जाएगी इन सभी पलों की खुमार 
क्यों ना बनाये इन कुछ पलों को याद्गार……………